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पद्मावती (Paperback) | Agniveer
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पद्मावती

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DESCRIPTION

भारत के भूले बिसरे इतिहास से ली गईं छोटी-छोटी कहानियों का ये संग्रह रीढ़ की हड्डी में कंपकपी उत्पन्न कर देगा।

भारत के भूले बिसरे इतिहास से ली गईं छोटी-छोटी कहानियों का ये संग्रह रीढ़ की हड्डी में कंपकपी उत्पन्न कर देगा।

एक भारतीय बच्चा स्कूली इतिहास की किताबों में खतरनाक रूप से अजीब चीजें पढता है। एक झूठा प्रपंच उसको कंठस्थ करवाया जाता है कि हिन्दुओं पर इस्लामिक हमलावरों ने १००० साल तक राज किया।

इस्लामिक हमलावरों की चढ़ाई को उनके शासन का नाम दिया जाता है और उनकी तानाशाही शासन पद्धति को हिन्दू मुस्लिम मिश्रित संस्कृति का उदाहरण कहकर महिमा मंडित किया जाता है। आक्रमणकारियों को हमारा तारणहार बताया जाता है जबकि धरती के वो सपूत जो आज़ादी पाने के लिए उन आक्रमणकारियों से लड़े, उनको इतिहास की पुस्तकों ने बिलकुल ही नकार दिया है।

क्या आप जानते हैं?

१.एक हिन्दू रानी ने मुहम्मद गोरी 'विजेता' को अपनी जान बचाकर मुल्तान तक भागने के लिए मजबूर कर दिया था!

२.महारानी पद्मावती के आदेश पर एक राजपूत कमांडर ने अकेले ही सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की टुकड़ी को हरा दिया था और बाद में खिलजी को नग्नावस्था में अपनी जान की भीख मांगनी पड़ी!

३.एक  और हिन्दू रानी ने शाहजहां को अनेकों बार पराजित किया और हारी हुई मुग़ल सेना की नाक काटकर वापस भेजा!

४.एक राजपूत ने राजकुमार और रानी को दिल्ली से जोधपुर तक सुरक्षा दी और पूरे रास्ते उन्होंने औरंगजेब की बड़ी सेना के साथ लड़ते हुए प्राचीन ग्रीक के ३०० स्पार्टन के कारनामों को भी फीका कर दिया!

५.एक हिन्दू कमांडर था जिसे मुग़ल डर की वजह से ‘प्रेत’ कहते थे और जो अल्लाह की मर्जी के खिलाफ़ उनको हरा देता था!

६.एक राजपूत था जिसको कैद करने के लिए शेर का पिंजरा बनवाया गया क्योंकि मुग़ल उसके भारी भरकम डील-डौल से डरते थे!

७.पूरी पठान सेना ने एक हिन्दू खालसा कमांडर के आगे बिना लड़े ही आत्मसमर्पण कर दिया!

८.एक हिन्दू खालसा कमांडर ने १९ वीं सदी में जिहादियों द्वारा कब्जाई गई पूरी रियासत अफगानिस्तान तक जीत ली थी!

९.जब ब्रिटिश भारत आए तो लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी और आज का अधिकांश पाकिस्तान हिन्दू राजाओं के अधीन था!

और बहुत कुछ ..

ये पुस्तक आपके आत्म सम्मान और गौरव को फिर से जगा देगी जो आप स्कूलों में गलत इतिहास पढ़ने की वजह से भूल गए हैं।

ये कहानी अपने बच्चों को सुनाएं - इससे पहले कि उनको स्कूलों में यह बताया जाए कि वो सदियों से गुलाम थे।

सच्चाई बहुत अलग और हैरान कर देने वाली है। उनको सही इतिहास बता कर बहादुर बनाइए - इससे पहले कि स्कूलों की फर्जी इतिहास की किताबें उनको मानसिक गुलाम बना दें।

Note: PLEASE READ this Disclaimer for all Agniveer books on this store

PRODUCT FEATURES

Author : Sanjeev Newar,  Vashi Sharma

Language : Hindi

Version : Paperback

Size : 5.5" x 8.5"

Pages : 145

ISBN : 978-81-939963-8-6

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